CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 62

चिल्ला-चिल्ला कर यहोवा की

chilla-chilla kar yahova kee

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(भजन 77:1-14)
1.चिल्ला-चिल्ला कर यहोवा की दोहाई दूँगा,दोहाई यहोवा की दूँ, वह कान लगाएगा ।
2.संकट के दिन प्रभु की खोज में मैं लगा रहा,रात को मेरा हाथ फैला रहा, ढीला न हुआ ।
3.परमेश्वर का स्मरण कर के मैं कहरता हूँ,मैं चिन्ता करते करते मूर्छित हो चला हूँ ।
4.प्रभु तू मुझे झपकी लगने नहीं देता,मैं घबराया हूँ ऐसे मुंह से शब्द न निकलता ।
5.प्राचीन काल के दिनों को मैं स्मरण करता हूँ,रात के समय मैं अपने गीत को स्करण करता हूँ ।
6.संपूर्ण हृदय से मैं तेरा ध्यान करता हूँ,मन ही मन मैं भली भाँति-विचार करता हूँ ।
7.क्या यहोवा युग-युग के लिए छोड़ देगा ?क्या यहोवा फिर कभी सन्तुष्ट न होगा ?
8.क्या यहोवा की करुणा जाती रही है ?क्या यहोवा का वचन निष्फल हुआ है ?
9.क्या यहोवा अनुग्रह करना भूल गया ?क्या यहोवा ने क्रोध करके रोक रखी दया ?
10.मेरी दुर्बलता में तो मैं ने ऐसा सोच लिया,क्या परम प्रधान का दाहिना हाथ बदल गया ?
11.मैं याह के बड़े कामो की चर्चा करुँगा,प्राचीन काल के अद्भुत कार्य निश्चय स्मरूंगा ।
12.प्रभु मैं तेरे कामों पर ध्यान करूँगा,मैं तेरे सब बड़े कामों का स्मरण करूँगा ।
13.हे परमेश्वर तेरी गति पवित्रता की है,यहोवा परमेश्वर के तुल्य कौन सा देवता है ?
14.अद्भुत कार्य करनेवाला ईश्वर तू ही है,तू ने अपनी शक्ति देश के लोगों पर प्रगट की है ।

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