CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 642

अब वह दिन निकट है

ab vah din nikat hai

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जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा | (1 कुरिन्थियों 3:14)
अब वह दिन निकट है, प्रभु आएगा, (2)विश्वासयोग्य दास जो मजदूरी पाएगा, (2)आनन्द से भर जाएगा | (4)
1.हर एक काम तब प्रगट होवेगा, काठ या घास या फूस का रद्दा हो,सोना, चाँदी या बहुमोल पत्थर हो, आग परखेगी (2), तब तू जान जाएगा |
2.दौड़ने वालों में क्या तू शामिल है ? याद रख एक ही इनाम ले लोग,लड़नेहार होकर संयमी बन जा, नहीं मरझाएगा, ऐसे मुकुट को पाएगा |
3.आत्माऍं मरती, क्या तुझे बोझ है ? ———————————— है ?प्रभु जब आएगा, सन्मुख उस के वह, आनन्द बड़ाई ————— बन जाएगा |
4.तू जो प्राचीन है, कलीसिया में, झुंड को सम्भाल और प्रेम से अपना ले,आदर्श तू बनकर, रखवाली भी कर, महिमा का मुकुट, तुझ को दिया जाएगा |
5.अच्छी कुश्ती क्या तू लड़ चुका है ? दौड़ पूरी की, विश्वास थामा है ?उस का प्रगट होना प्रिय तुझे है ? धार्मिकता का वह, मुकुट तुझे मिलेगा |
6.भक्ति से यदि तू जीवन बिताएगा, क्लेश और संकट सहना पड़ेगा,प्राण देने तक विश्वास योग्य रह तू, जीवन का मुकुट, जान रख तू पाएगा |
7.उत्तम आशीष से प्रभु मिलेगा, बिनती तेरी अब प्रभु सुनेगा,सदा जागता रह प्रार्थना करता रह, कुन्दन का मुकुट, तुझ को वह पहनाएगा |

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