"झट अच्छे से अच्छा वस्त्र निकालकर उसे पहिनाओ |" (लूका 15:22)
सेवा प्रभु की तुम करे ए जवानों आओ,सुवार्ता फैलाने को अब शक्ति अपनी दो,जवानों के लिए सेवा करना भला है ||
1.प्रभु यीशु मसीह मरा क्रूर क्रूस पर,महान छुटाकारा उस ने पापी को दिया,दिया मनुष्यों को उसने मुक्ति और जीवन,क्या लोगों को तुम ये बातें न बताओगे ?
2.पाप वस्त्र को यीशु ने उतार दिया,श्रापित बना तेरे लिए सुन तू ए ! जवान,ढांपा तुझ हो उस ने बड़े उद्धार के वस्त्र से,क्या यह समाचार जरूर सब को न दोगे ?
3.पाँवों में सुसमाचार की जूतियाँ दे दी,हृदय में शान्ति और आनन्द दिया है,परीक्षा और दुःख होंगे तुम को भी,क्या प्रभु की सुवार्ता को न बताओगे |
4.खोया जब जग में तू दया उस ने की,भोज बड़ा देकर उस ने अंगूठी भी दी,दोषों को ढांप दिया प्रभु है महान,क्या तुम अपने दोषियों को माफ न करोगे ?
5.पाने के लिए भाई तुम स्वर्गीय इनाम को,सन्तों की सम्पत्ति देखो अति उत्तम है,स्वर्गीय दौड़ के लिए अन्त तक तुम दौड़ोगे ?जीवन मुकुट देगा प्रभु तुम क्या न लोगे ?