"उसके मृत्युंजय की सामर्थ को जानूँ |" (फिलिप्पियों 3:10)
तुझ को पहचाने दयालु यीशुजी,अनुग्रह अब हम पर कर,तेरी जी उठने की शक्ति को,सारे लोग समझ जाऍं ||
1.जवानों में भय तेरा छाए, और ये सभी काँप उठे,हे प्रभु उन में तेरा उद्धार हो, और पापों की माफी दे |
2.तेरी आवाज सुना दे इन को, मार्ग में तू उनको चला दे,इन जवानों को प्यारे प्रभुजी, अपना गवाह बना दे |
3.अपवित्र लोगों के मध्य में तेरा वचन देने के लिए,इन जवानों के उपर तू, आत्मा पवित्र उंडेल दे |
4.तेरी मंडली में ये सब रहकर, दर्शन तेरा यह सब पाकर,इन जवानों को हे प्रभुजी आनन्द से तू भर दे |
5.तेरी मृत्यु और पुनरुत्थान में, भागीदार ये सब हो जाऍं,जब दुःख-संकट आए प्रभुजी, स्तुति करना सीखे |
6.तेरे आगमन के लिए निर्दोष, इन के तू ठहरा,धार्मिकता के फल से प्रभुजी, अब इन को भर दे |
7.ऊँची बुलाहट को ये जाने, योग्य बनें इनाम के लिए,दौड़ते रहे निशाने की ओर, हल्लेलूयाह गीतों से |