(भजन 2:1-9)
1.जाति जाति के लोग,वे हुल्लड है क्यों मिलकर मचाते ?...जातिदेश देश के लोग क्यों इरादे बान्धते,प्रभु यीशु ख््िराष्ट के विरोध ।...जाति
2.यहोवा के विरोध,और उस के अभिषिक्त राजा के विरोध;...यहोवापृथ्वी के राजा खड़े होते है,हाकिम आपस में सलाह करते ।...जाति
3कहते है... ‘‘आओ तोड़ेंउसके बन्धे हुए सब मजबूत बन्धन;...कहते हैऔर उसकी रस्सियों को हम फेंके,अपने ऊपर से उतार के सब ।’’...जाति
4.स्वर्ग में विराजमान जो,वह उन पर हँसेगा, ठठ्ठे मारेगा;...स्वर्गकोप वह करके बातें करेगा,क्रोध में आकर उनको मारेगा ।...जाति
5.‘‘परन्तु मैं राजा को,अब बैठा चूका हूँ सिय्योन पर अपने;’’...परन्तुउसके वचन को प्रचार करुँगा,उसने कहा, ‘‘तू बेटा है मेरा ।’’...जाति
6.उसने कहा फिर वह,‘‘आज मैं ने तुझे है जन्म दिया भी;...उसनेमुझ से तू माँग अब जाति के लोग सब,उनको मैं तुझे जरुर दे दूँगा ।’’...जाति
7.‘‘दूर दूर के देशों को,मैं तेरी निज भूमि जरुर करूँगा;...दूरलोहे के आसा से तू तोड़ेगा,बर्तन की मानिन्द चूर चूर करेगा ।’’...जाति,