‘‘परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है ।’’(रोमियो 5:5)
करुणामय प्रभु, पवित्र है तू, स्तुति तेरी करते है;प्रेम तेरा स्वर्ग से हम पर उण्डेला, अनुग्रह तेरा, हम ने पाया है ।।
1.तेरे मन्दिर की भरपूरी से हम को सन्तुष्ट तू ने है किया,सुख की नदी के जल से पिलाया, और आनन्द प्रभु हमें दे दिया;अनुग्रह के लिए, धन्यवाद देते, बड़ाई प्रभु तेरी, हम करते है ।
2.ईश्वर की सम्पूर्णता से प्रभुजी, हम को तू ने सन्त बनाया;ज्ञान से बाहर जो, प्रेम प्रभु तेरा, हम में तू ने प्रकाशित किया;आभारी होके, धन्यवाद देते, आराधना तेरी, हम करते है ।
3.प्रभु यीशु में जो ईश्वर की भरपूरी, सदा उस में वह वास करती है;हम को उसी में भरपूर किया, सारी प्रधानता का तू शिरोमणी है;अनुग्रह के लिए, आराधना करते, इस जग में तेरा, आदर करते है ।
4.तेरे लोहू से निर्दोष बनाया, और हम को तू शुद्ध है किया,क्रूस पर तू ने मेल भी कराया, बीच की दिवार को तू ने तोड़ दिया;सदा स्तुति करते, आराधना करते, इस जग में तेरी, स्तुति करते है ।
5.अनुग्रह सच्चाई के द्वारा से, हमारे बीच में ड़ेरा किया है;संसार ने तुझ पर विश्वास किया है, एकलौता पुत्र तू ही जो हुआ है;सदा स्तुति करते, आराधना करते, मण्डली में तेरी, स्तुति करते है ।