CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 10

हे प्रभु यहोवा सर्वदा, मैं तेरी,

he prabhu yahova sarvada, main teree

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(भजन - 30) हे प्रभु यहोवा सर्वदा, मैं तेरी स्तुति करुँगा; हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह ।।
1.यहोवा तू मेरे शत्रुओं को, मुझ पर सन्तोष होने न देगा; तू ने मेरा उद्धार किया है, इसलिये मैं तेरी स्तुति करूँगा ।
2.मैं तेरे पास रोया और मांगा, तू ने मुझे है किया चंगा; पवित्र नाम से स्मरण होवे जिसका, सन्तों करो उसकी प्रसंशा ।
3.यहोवा तू मेरे प्राणो को, पाताल से है उठा लिया; कब्र में पड़ने से मुझे बचाया, तू ने मुझे जीवन दान दिया ।
4.क्रोध तो है उसका क्षणभर का, जीवन भर है उसकी प्रसन्नता; कदाचित् रात को रोना पडे पर, सबेरे आनन्द ही पहुँचेगा ।
5.मैं न गीरूँगा मैं ने सोच लिया, जिस समय मैंने था सुख चैन पाया; यहोवा तू ही ने मुझ पर की दया, मेरे पर्वत को स्थिर किया ।
6.तू ने जब मुंह अपना फेर लिया, तब तो मैं बहुत ही घबरा गया; हे यहोवा मैंने तुझ ही को पुकारा, गिड़गिड़ाकर के बिनती किया ।
7.कब्र में चला जाऊँगा जब मैं, प्राण से मेरे तब क्या लाभ होगा ? मिट्टी क्या तब तेरा धन्यवाद करेगी, या प्रचार करेगी सच्चाई का?
8.मेरे विलाप को हे यहोवा, नृत्य में तू ने है बदल दिया; मेरी कमर से तू टाट वस्त्र उतारा, आनन्द का पटुका बान्ध दिया ।

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