‘‘यहोवा ने मेरे जितने उपकार किये है,उनका बदला मैं उस को क्या दूँ ?’’ (भजन 116:12)
जीवन दिया है परमेश्वर,मैं गाऊँ तेरे लिए निरन्तर, हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह;अयोग्य हूँ मैं क्या दूँ तुझे ?स्तुति करुँ तेरी मैं बारम्बार, हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह ।।
1.रोशनी दिया, रोशन है किया;श्वासों के लिये, हवा बनाया;भोजन जल दे, पोषण है किया;हर दिन तू मेरी रक्षा है किया ।अपरम्पार तेरे उपकार,हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह गाऊँ हर बार;स्तुति गीत तुझे, ऐ सृजनहार,हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह ।... जीवन दिया है परमेश्वर
2.करुणा पर करुणा मुझ पर है करता,हर घडी मेरे साथ है तू चलता;क्रोधित न होता, धीरज है धरता,पापों का मेरे लेखा न लेता ।... अपरम्पार ...,