CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 106

हे जग-त्रात्रा, विश्व-विधाता

he jag-traatra, vishv-vidhaata

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‘‘जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा...वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा ।’’(रोमियों 8:32)
हे जग-त्रात्रा, विश्व-विधाता, दिया है अनमोल दान;सारे अनुग्रह के तुम ही हो दाता, अपने को किया बलिदान ।।
1.उद्धार हम को दिया अनुग्रह से, विश्वास के द्वारा हुआ;हम से प्रभुजी कुछ नहीं बना, यह सब तेरा ही दान ।
2.जब प्रभु हम सब पाप में मरे थे, प्रेम से तू जग में आया;ताकि सदा तक साथ तेरे रहे, दिया अनन्त जीवन का दान ।
3.थके माँदे हम भटक रहे थे, पाप के भार से दबे थे;अनुग्रह से प्रभु हम को बुलाया, दिया शान्ति विश्राम का दान ।
4.हम ने सुना प्रभु सत्य वचन को, उद्धार का सुसमाचार;विश्वास हम ने हृदय से किया, दिया तू ने आत्मा का दान ।
5.नादान हम प्रभु तू ने सिखाया, आदि से गुप्त में जो थे;भेदों को प्रभुजी हम को बताया, दिया समझने का ज्ञान ।
6.सेवा प्रभुजी हमको दी है, युगानुयुग तक करें;सामर्थी बनकर स्तुति हम गाएँ, दिया हमें विजय का दान ।

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