CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 131

महासामर्थी ओ यीशु !

mahaasaamarthee o yeeshu !

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‘‘सारी वस्तुएँ उसी के द्वारा, उसी के लिए सृजी गयी है ।’’(कुलुस्सियों 1:16)
महासामर्थी ओ यीशु ! बहुत ही विशाल है तु,प्रतापी है, प्रेम से भरपूर, पूरे दिल से तुझ को भजूँ ।।
1.मसीह तू मेरा जीवन है, अब तो में संपूर्ण मरा हूँ;छिप गया परमेश्वर में अब, तुझ ही मैं दृढ़ भी रहूँ;प्रगट होगा महिमा के साथ, गौरव और स्तुति करुँ ।
2.मसीह तू तो सब में सब कुछ, हट गयी सब भिन्नता जो थी;न रहा बडा या छोटा, और न कोई मुरख, ज्ञानी;सब को तू ने एक कर दिया, जय-जयकार अब तेरा करुँ ।
3.मसीह तू मेरा सर्वश्रेष्ठ, सब बातों में तू प्रधान है;प्रभुता में तेरी मैं हू, तेरी इच्छा पूरी करुँ;तू ही शीरोमणि भी है, आदर से मैं प्रणाम करुँ ।
4.मसीह तू महिमा की आशा, कैसा अद्भुत ! मुझ मैं रहता;मन मैं आशा बढ़ती जाती, क्योंकि शीध्र तू है आता;मिलूँगा मैं तुझ से प्रभु, बड़ा आनन्द, धन्य कहूँ ।
5.मसीह तू मेरा विजेता, क्रूस के ऊपर जयवन्त हुआ;प्रधानता सामर्थ, अधिकार, पाँवो तले सब को किया;जयवन्त हूँ मैं तेरे कारण, नम्रता से भजन करुँ ।

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