CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 136

हे यीशु तेरा प्रेम

he yeeshu tera prem

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‘‘इससे बड़ा प्रेम किसी का नहीं ।’’ (यूहन्ना 15:13)
हे यीशु तेरा प्रेम, कैसा महान है;आकाश के तारे, पर्वत, समुद्र, सबसे महान है ।।(2)
1.अगम्य आनन्द से हृदय भरपूर है,(2)प्रभु का कार्य कैसा महान है;(2)हर एक बिहान और हर एक साँझ, स्तुति के योग्य है ।(2)
2.संकट के समय में जीवन नीरस होता,ईश्वर पुकारता हूँ, दया मुझ पर दर्शाओ;बिनती से पहले वह मुझ से कहता, मैं तेरे साथ हूँ ।
3.अन्धेरी घाटी से होकर मुझे जाना,मृत्यु और जोखिम से सफर मुझे करना;चरवाहा बनकर अगुवाई करता, सदा वह साथ रहता ।
4.घटी और कमी का मुझे नहीं डर है,हरी चराईयों में, मुझे बिठाता है;भोजन और जल से, तृप्त वह करता, वह मेरे साथ है ।
5.ईश्वर के भवन में, स्तुति सदा करूँगा,सम्पूर्ण हृदय से उसको सदा भजूँगा;स्तुति प्रशंसा के योग्य ईश्वर, हल्लेलूयाह आमीन ।

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