‘‘और उन्होंने पास आकर और उसके पाँव पकड़ करउसे प्रणाम किया ।’’ (मत्ती 28:9)
सीस नवाए प्रभु वन्दन करते,पाँव पड़े हम प्रभु कीर्तन करते ।।
1.पापी जगत का तारण करने... प्रीत पधारे प्रभु वन्दन करते ।
2.पूरे हृदय से भजें तुझे हम... सुबुद्धि दीजो प्रभु वन्दन करते ।
3.हर्षित मन है आज हमारा... भाग मिला है प्रभु वन्दव करते ।
4.दुःखी निराशी देखा हमें जब... वारे तुम आए प्रभु वन्दन करते ।
5.आज हमारे मन हैं उच्चारते... जय प्रभु जय हम वन्दन करते ।