‘‘तेरा नाम ऊँडेले हुए इत्र के तुल्य है ।’’ (श्रेष्ठ गीत 1:3)
मधुर, मधुर, यीशु नाम प्यारा,स्तुति के योग्य है प्रभु हमारा;(2)मधुर, मधुर यीशु नाम प्यारा,मधुर मधुर, यीशु नाम ।।
1.स्वर्ग छोड़कर जगत में आया, क्रूस पर चढ़कर लोहू बहाया ।(2)
2.शैतान को उसने क्रूस पर हराया, नरक के दण्ड से हमको बचाया ।
3.पाप से मुक्त भी उसने कराया, पिता ईश्वर से मेल कराया ।
4.लोहू से धोकर शुद्ध बनाया, ईश्वर का पुत्र हमको बनाया ।
5.आत्मा का भागीदार बनाया, ईश्वर का मन्दिर हमको बनाया ।