CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 163

यीशु तेरी दया दृष्टि अधिक

yeeshu teree daya drshti adhik

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‘‘तेरी सच्चाई महान है ।’’ (विलाप गीत 3:23)यीशु तेरी दया दृष्टि अधिक है,हाँ, अधिक है ।।
1.पिता की नाई कृपा तू करता, माता की नाई दिलासा देता;कपट से मुझ को बचाता है तू, बचाता है तू, बचाता है ।
2.बच्चों को जैसे सम्भाले मुर्गी, वैसे ही तू ने मेरी खबर की;स्तुति गाऊँ हर घड़ी मैं, हर घड़ी मैं, हर घड़ी ।
3.शेरनी के बच्चें भुखे मरें भी, लेकिन मुझे कुछ कमती न होगी;हमेशा मुझ को सम्भालता तू, सम्भालता तू, सम्भालता ।
4.मृत्यु की घाटी में होकर चलूँ मैं, भयंकर बातें देखुँ जो मैं;यीशु के बल से खुशी से भरकर, स्तुति करुँ मैं, स्तुति करुँ ।
5.दुःख की घड़ी जो मुझ पर आए, दर्द जो मेरे दिल को सताए;तेरे वचन से शान्ति पाता, शान्ति पाता, शान्ति ।
6.तेरी सच्चाई स्वर्ग तक पहुँची, तेरी दया आसमान से है ऊँची;मुझ नीच को दिखा दिया यह, दिखा दिया यह, दिखा दिया ।
7.पहाड़ अपनी जगह को छोडे, और समुद्र सूख भी जाए;मेरे लिए तेरी कृपा अटल है, कृपा अटल है, यीशु हल्लेलूयाह ।

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