CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 179

गाऊँगा, तेरी स्तुति

gaoonga, teree stuti

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‘‘दाऊद सब का सब लौटा लाया ।’’(1 शमू 30:19)
गाऊँगा, तेरी स्तुति, हे प्रभु तू महान है;तू दुःखों को हटानेवाला, पापों से बचानेवाला;शैतान के फन्दे से छुडाता है ।।
1.जग में जब खोता हूँ, प्रेम तेरा भूलता हूँ;शैतान को मौका देता हूँ,चरवाहा यीशु तू बनकर, दया से मुझको ढूँढ़कर;सच्चे मार्ग में तू लाता है,कैसा अद्भुत वह आनन्द, वापस आने से है;दिल मेरा आभारी हो गया है ।
2.आँधिया उठती है जब, तूफान डराता है तब;भयभीत जब मैं होता हूँ,उसी वक्त पास तू आकर, ढ़ाढस मुझे तू देकर;निर्भय मुझे तू करता है,सच्चा पिता तू मेरा, तू है सहारा मेरा;महिमा, आदर, प्रशंसा तुझी को है ।
3.तेरा वचन जब मानता, अर्पण अपने को करता;हाथ तेरा पकड़ लेता हूँ,तब मेरा साथ तू देकर, शान्ति, आनन्द से भरकर;निराशा दूर तू करता है,जान जाता हूँ मैं तभी, प्रेम तेरा है वही;हृदय स्तुति से भर गया है ।

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