‘‘मैं जीवन भर परमेश्वर की स्तुति करता रहूँगा ।’’ (भजन 146:2)
1.गाओ, गाओ ख्रिस्त यीशु है मुक्तिदाता,करो लोगों उस के सब गुण प्रचार ।‘‘धन्य हो, धन्य हो’’ स्वर्ग में पुकारते है दूतगण;उस के नाम की स्तुति तू कर हर बार ।उत्तम भेड़पाल, भेड़ो को वही छुड़ाता;गोद में बालकों को ले करता दुलार ।गाओ, गाओ हे यीशु महाप्रतापी,गाओ उस का असीम, अथाह है प्यार ।
2.गाओ, गाओ ‘‘यीशु हमारा है त्राता,’’पाप के कारण रह हुआ बलिदान ।गाओ, गाओ जय उसकी जो देता जीवन;तारक, रक्षक अधिपति महान ।शरणस्थान है वही हमारा आसरा,पाप के बल को तोड़ा, दे अपना प्राण ।गाओ, गाओ है यीशु महाप्रतापी,जग और स्वर्ग का प्रभु सर्वशक्तिमान ।
3.गाओ, गाओ यीशु है स्वर्गो का स्वामी;तीनों लोकों का है वह राजाधिराज ।गाओ, गाओ उसके जो नबी और याजक,उसको मुकुट दो वह है अधिराज ।मेरे पाप का सारा उठाया बोझ,जिससे स्वर्ग जा हम भी पाएँ वह ताज ।गाओ, गाओ है प्रभु महाप्रतापी,गाओ उसके तेजोमय सुख का राज ।