‘‘...और उसकी करुणा सदा की है ।’’ (भजन 136:1)
ईश्वर की दया नित्य रहेगी, उसका अनुग्रह मिलता रहेगा;धन्यवाद देके स्तुति हम गाके, हल्लेलूयाह पुकारेंगे हम ।।(2)
1.सकेती में हम मर न जाये, प्रभु ने स्वयं बचाया हमें;(2)अच्छा है वह और बलवन्त है, उसका अनुग्रह नित्य रहेगा ।(2)
2.शत्रु सेनायें चारों और थी, दाऊद भक्त का ईश्वर संग वह;सामने चला, वह बलवन्त है, उस का अनुग्रह नित्य रहेगा ।
3.अग्नि परीक्षा जब जीवन में आयी, सांत्वना दिया और जयवन्त भी किया;पुकारें विजय वह साथ अब है, उसका अनुग्रह नित्य रहेगा ।
4.अन्धकार रुपी कष्ट जब आये, मेरे पैरों का दीपक तू बना;मेरी अगुवाई उस ने जो की सदा, उस का अनुग्रह नित्य रहेगा ।
5.बाढ़ के समान जब निन्दाएँ आयी, वीर नहेमायाह को आत्मा दिया था;दृढ़ विश्वास, धीरज और साहस मिला, उसका अनुग्रह नित्य रहेगा ।
6.अनन्त ईश्वर सच्चा और धर्मी, नित्य हमारे साथ रहता है;इसलिए आओ स्तुति करें, उस का अनुग्रह नित्य रहेगा ।