CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 225

आनन्द है, आनन्द है, आनन्द से

aanand hai, aanand hai, aanand se

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‘‘हे छोटे झुण्ड, मत डर ।’’(लूका 12:32)
आनन्द है, आनन्द है, आनन्द से मैं स्तुति करुँ;ख्रिस्त प्रभु ने लाया मुझे अपने छोटे झुण्ड में ।।
1.भयंकर पापी मैं था, मार्ग से भटका भी था;चरवाहा यीशु, दया दिखा के, मार्ग में ले चला ।
2.अक्षय और निर्मल मीरास, उसी ने मुझे दी है;अविनाशी और अजर अधिकार, त्राता यीशु दिया ।
3.हे छोटे झुण्ड प्रभु के, तुम्हें अब क्या डर है ?दया, कृपा से राज्य देने को, पिता को भाया है ।
4.स्वर्गीय राज्य देने, मुझ कीड़े को चुन लिया;इस लिए प्रभु ने स्वर्ग से आकर, प्राण बलिदान किया ।
5.हे प्रभु, तेरा विचार मुझे बड़ा प्रिय है;कैसा वह अद्भुत, गम्भीर और अगम्य, वर्णन से बाहर है ।
6.एकलौता पुत्र यीशु, पिता ने दे दिया;रख न छोडेगा कोई वस्तु भी, राज्य के साथ देगा ।
7.महिमित राज्य के लिए, यीशु बुलाता है;राज्य के योग्य चाल तुम चल के, जीवन अब बिताओ ।
8.राजाओं का राजा वह है, प्रभुओं का प्रभु भी है;स्वर्गीय दूत और इस जग के लोग सब, गाओ तुम हल्लेलूयाह ।

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