‘‘उसका फल मुझे खाने में मीठा लगा ।’’ (श्रेष्ठ गीत 2:3)
भजो मीठा नाम, प्रभु यीशु नाम;प्यारे प्रभु यीशु का करो आदरमान;भजो मीठा नाम ।।
1.महिमा अपनी छोड़के आया जग में,जन्म उसने पाया कुँवारी मरियम से;गरीब बनके रहा सारे जीवन में,मेरी जान का प्यारा प्रभु यीशु है ।... आ...आ...आ...
2.पाप और श्राप के सारे धृणित रोगों को,दिल के गन्दें दागों को मिटाने को;यीशु ने बलिदान किया अपने को,मेरी जान का प्यारा प्रभु यीशु है ।... आ...आ...आ...
3.पाप और श्राप और दुष्ट की सारी चालों पर,देता है विजय वह, माँगो उस से वर;हृदय में वह शान्ति देता सरासर,मेरी जान का प्यारा प्रभु यीशु है ।... आ...आ...आ...
4.आएगा फिर से अपने लोगों के लिए,अपने साथ आसमान पर ले जाने के लिए;आनन्द, हर्ष पिता का देने के लिए,मेरी जान का प्यारा प्रभु यीशु है ।... आ...आ...आ...
5.जय जय जय जय मिलके गाओ भाईयों,खुशी का समाचार सबको जाके दो;हो जाओ तैयार सब उस से मिलने को,मेरी जान का प्यारा प्रभु यीशु है ।... आ...आ...आ... ,