‘‘हम उसको प्रणाम करने आए है ।’’(मत्ती 2:2)
1.दर्शन को आए हैं पिताजी... बिनती हमारी यह सुन लो;हम सीस नवाए खड़े है... महिमा अपनी दिखा दो ।भजो नाम, यीशु नाम, नाम है मधुर यीशु नाम;जय जय जय प्रभु जय हो;जय हो, जय हो, जय प्रभु जय जय हो,जय जय जय प्रभु जय हो ।
2.यीशु नाम से मिलती है माफी... वह कुल दुनिया का है शाफी;जपो नाम उसी का भाई... वह करता दिल की सफाई ।
3.यीशु नाम है देता रिहाई... आओ देवें उसकी दुहाई;शैतान की सब चालों पर... जय हम ने उसी से है पाई ।
4.यीशु नाम हमारे संग है... दुश्मन हमारा तंग है;यहोवा की यह जंग है... शैतान की फौजें दंग हैं ।
5.आओ आपे को अपने नकारो... और क्रूस को अपने उठाओ;तुम दुनिया पर जय पाओ... और अन्त समय फल पाओ ।