‘‘यहाँ तक यहोवा ने हमारी सहायता की... है ।’’(1 शमूएल 7:12)
स्तुति ईश्वर की हम करें... बीते वर्ष में सम्भाला हमें;पास न आयी बुराई कोई,कई हानियों से है बचाया हमें । आओ, स्तुति ईश्वर की हम...
1.लाखों-करोड़ों गुजर गये हैं... प्राण हमारे जतन है किया;भार हमारे दूर है किया,इस जग में जीवित हम को रखा ।...आओ
2.की हैं हमने कितनी बुराईयाँ... बदले में आशीष ही दिया;रक्षा हमारी हमेशा किया,प्रभु प्रेम से हम को सम्भाले रहा ।...आओ
3.कितनी भलाइयाँ प्रभु ने की हैं... हर्षित हो मिलकर गाएँजीवित बलिदान शरीरों का,प्रभु यीशु को अर्पण हम करें ।...आओ
4.आरम्भ में इस नुतन वर्ष के... आराधना एक होके करें;अनुग्रह से प्रभु यीशु के,हम जीवन भर उसे भजते रहें ।...आओ
5.मुक्त हम होवे माया मोह से... शैतान के सब फन्दों से;राज्य हम पर प्रभु ही करें,ताकि आत्मा से भरके सेवा करें ।...आओ
6.छाए में अपने हमको छिपाएगा... हर वर्ष हमारी सुधि लेगा;यात्रा में जब तक हम रहते,प्रभु साथ रहकर हमें ढ़ाढस देगा ।...आओ
7.हर तरह की आशीष पाई... आओ प्रभुको दण्डवत करें;हर रुकावट दूर करके,सदा प्रेम से प्रभु के साथ हम रहें ।...आओ,