CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 233

प्रभु -- वर्ष पर तू

prabhu -- varsh par too

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‘‘देखो मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूँ ।’’(मत्ती 28:20)
प्रभु -- वर्ष पर तू -- भलाई मुकुट -- धर दिया है,प्रभु -- तेरे मार्गो में -- उत्तम पदार्थ भी -- पाये जाते है ।।
1.तेरे ऊपर -- दृष्टि रखकर,तुझको सम्मति--दिया करूँगा--महान प्रभु तू कहा ।
2.सदा तेरे -- साथ रहूँगा,कहा मेरे -- प्रभु यीशुने -- अभय मुझ को दिया ।
3.तेरे सिर के -- बाल पकने तक,तुझ को उठाए -- मैं रहूँगा -- सम्भालूँगा तू कहा ।
4.प्रेम किया तुझ से -- सनातन प्रेम से,नाम ले बुलाया -- तू मेरा है -- प्रेमी प्रभु तू कहा ।
5.मेरा चरवाहा -- प्रभु मेरा,जीवन जल के -- पास ले चलता -- ले चलूँगा, कहा ।
6.सब बातों में -- परखा गया,लहु बहाया -- प्राण है दिया -- रक्षक मेरा हुआ ।
7.महिमा हो तेरी -- यीशु प्यारे,नाम को तेरे -- गाऊँ सदा मैं -- हल्लेलूयाह, आमीन ।

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