‘‘यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है ।’’ (नहेमायाह 8:10)
यहोवा का आनन्द ही दृढ़ गढ़ तुम्हारा है;यही वह दिन, आनन्द का दिन, भक्तजनों यही शुभदिन है ।।
1.सींची हुई तू बारी होगा -- जलभरा सोता तू बनेगा ।
2.यहोवा तुझको तृप्त करेगा -- हड्डियों में वह बल भरेगा ।
3.स्वर्ग में तेरा नाम है लिखा -- यही है कारण आनन्द का ।
4.यहोवा मूल है तेरे सुख का -- मनोरथ तेरा करता पूरा ।
5.ईश्वर की इच्छा करें पूरी -- प्रसन्नता है इस में खरी ।
6.तेरे आनन्द के सारे सोते -- प्रभु यीशु में ही पाये जाते ।
7.माँगो तो आज ही प्रभु देगा -- आनन्द तेरा पूरा होगा ।
8.प्रभु ही मुझ को ले चलेगा -- जीवन के जल से पिलाएगा ।
9.परमेश्वर तेरा पिता होगा -- आँखो से सब आँसु पोंछेगा ।