(इब्रानियों 2:18, 7:25, यहूदा 24 पद)
आओ भक्त लोगों हम सब मिलकर,नित्य यीशु की स्तुति करेंगे ।।
1.बीते दिनों में प्यारे यीशु ने, आशीषें दी हैं भरपूरी से;नवीनता से, हम को उसने, (2) स्तुति करें यीशु की; (2)नूतन अनुभवों से आनन्द से सर्वशक्तिमान की ।
2.शक्तिमान है हमारा प्रभुजी, नित्य अगुवाई वह देता है;रक्षा करता है हमारी, (2) चरवाही वह करता है; (2)सच्चा वो प्रभु है हमारा, वचन से कभी न मुड़ता ।
3.परीक्षा कितनी इस जग में रहे, वही छुटकारा देगा हमें;परीक्षा हुई थी यीशु की, (2) सहायता वही करेगा; (2)आँखों की पुतली समान वह, रक्षा हमारी करेगा ।
4.सामर्थी है हमारा यीशु जी, ठोकरों से बचाता वह है;निर्दोष करके हमें प्रभु जी, (2) खड़ा वही करता है; (2)स्मरण करो अनुग्रह को, कभी हमें न छोड़ेगा ।
5.दबे हुये निराशा में तुम जो, विभेद जो करता उस शत्रु पर;विजय प्रगट तुम अब करो, (2) जय हो, जय हो प्रभु की; (2)युगानुयुग प्रभु की, हल्लेल्ूयाह गीतों से ।