‘‘उन्होंने,... मुँह के बल गिरकर उसे प्रणाम किया ।’’(मत्ती 2:11)
साष्टांग प्रणाम करके भजें हम,सत्य और आत्मा से प्रभु यीशु को ।।
1.दूतों ने स्तुतिगीत गाया देखो, स्वर्ग में महिमा परमेश्वर को;शान्ति हो भू पर भक्तजनों को, पावन यीशु को आओ भजें हम ।
2.चरवाहोंने चरणी में देखा, चरवाहा यीशु प्रमुख सभों का;सन्देश सुनाया सब को खुशी का, आओ आनन्द से उस को भजें हम ।
3.ज्योतिषियों ने देखा तारा, आये देखने बालक न्यारा;सोना, लोबान, गंधरस भेंट निहसारा, आओ राजा को अपने भजें हम ।
4.मरियम ने प्रभु अनुग्रह पाया, प्रभु दर्शन पा प्रणाम किया;प्रभु यीशु ख््िराष्ट है पुत्र पवित्र का, पूरे दिल से उसको भजें हम ।
5.शमौन धर्मी भक्त पुरुष था, देखा उसने जग का त्राता;निर्मल ज्योति, निर्मल महिमा, आओ सन्तों, उसको भजें हम ।
6.हन्नाह विधवा ने प्रभु को देखा, छुटकारा यही प्यासे जनों का;विश्वासी और सन्तगणों का, आओ जग में उसको भजें हम ।
7.प्रभु यीशु ही स्तुति के योग्य है, राजाओं का राजा, प्रभुओं का प्रभु है;राज्य दिया हमें राजा बनाया, विजयी यीशु की स्तुति करें हम ।