‘‘ हे प्रभु तू ही योग्य है ।’’ (प्रकाशित 4:11)
महाराजा यीशु तेरी होवे जय - जयकारी,(2)होवे जय - जयकारी तेरी होवे जय - जयकारी ।।(2)
1.अपने जन्म की खातिर तू ने चुन ली मरियम कुंवारी,(2)पापिन कारण तू नेे यीशु स्वर्ग से देह है धारी ।(2)
2.क्रूस के ऊपर संकट सह के देखी मौत नियारी,जान देके यीशु आशा पूरी की हमारी ।
3.गठरी थी गुनाह की भारी यीशु जी ने उतारी,हमारा कर्जा आप चुकाकर चढ़ गया स्वर्ग अपारी ।
4.यीशु कहता रुह में कर जो तौबा, नर और नारी;माफी का यह वक्त है प्यारा रुह-उल-कुद्स है जारी ।