CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 247

सुनते हैं हम तेरी आवाज

sunate hain ham teree aavaaj

More
‘‘बादल में से यह शब्द निकला... इसकी सुनो । उन्होंने ...यीशु को छोड़ और किसी को न देखा ।’’ (मत्ती 17:5, 8)
सुनते हैं हम तेरी आवाज, ताकतें हैं हम तेरे रुप को;प्यारे यीशु तेरे सिवाय, न सुनते न देखते और किसी को ।।
1.भक्ति का भेद जो बड़ा गम्भीर है,ईश्वर तू शरीर में प्रगट हुआ है;दूतो ने देखा, प्रचार हुआ, जग विश्वास किया, महिमा हो तुझी को ।
2.दूतो ने कहा, डरना नहीं तुम,बड़े आनन्द का समाचार सुनाऊँ;उद्धारकर्ता जन्मा मसीह, आकाश में महिमा, मनुष्यों में शान्ति हो ।
3.मनुष्य के रुप में ईश्वर तू ही है,इसलिए अद्भुत कार्य किया है;आज तक कोई कर न सका, अद्भुत है तू ही तो आदर तुझी को ।
4.अन्धों को आँखे, गूंगों को बोली,लंगडों को टांगें, शुद्ध हुए कोढी;मृतकों को जीवन दिया, बड़ा प्रतापी, सब गौरव तुझी को ।
5.अपनी इच्छा से, तू ने प्राण दिया;इच्छा से अपनी, फिर वापस लिया;कब्र तुझ को, रख न सकी; मृत्यु के डंक को, अब तोडा तू ही तो ।
6.जी उठा तू ही, स्वर्ग को गया भी;वापस तू आता, लेने हमें भी;आनन्द करते, जागते रहते; आशा है मन में, अब स्तुति तेरी हो ।

Back to Siyon Ke Geet