‘‘वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया,वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया ।’’(यशायाह 53:5)
देख, जरा देख, तेरे लिये,क्रूस पर लटका है प्रिय यीशु तारणहार ।।
1.धायल हुआ वह तेरे लिये, तिस पर भी उसने मुँह न खोला;सिर से लोहू की धार बही, सारे बदन में वेदना थी;छिदे जो थे पाँव उसके, बेधी पसली कुचल दिया, पाप जो तेरे ।
2.लोहू लुहान मुखडा जो था, लाली झलक वह क्रूस पर थी;पीठ पर उसके हल चले, पाप तेरे उसको नम्र किया,प्रभु का लोहु नाले की नाई, बहा जो था, तेरे लिये क्रूस पर ।
3.छिदे हाथ वह पसार के सारा दिन कहता ओ पापी !आँसू बहे तेरे लिये, प्रेम से वह तुझ को निहारता है;कृपा से वह, भेंट करेगा, पापी तुझे से, निकट तू आ, अभी तू आ ।
4.कब तक रुलाएगा उसे, बाहर खड़ा कब तक रहेगा वह;हृदय-द्वार अब तू खोल, अभी पश्चाताप तू तो कर;आज ही वही, पाप को तेरे, क्षमा कर के, तुझे देगा महान उद्धार ।