CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 254

देखो, कलवरी पर यीशु

dekho, kalavaree par yeeshu

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‘‘और वह अपना क्रूस उठाए हुए उस स्थान तक बाहर गया ।’’(यूहन्ना 19:17)
देखो, कलवरी पर यीशु देता अपना प्राण;वेदना सहता वहाँ मेरा नाथ ।।
1.महिमा अपनी उसने त्यागी... क्रूर मृत्यु क्रूस पर उठाई;मुझ पापी को बचाने को... मेरा प्यारा प्रभु हुआ घायल । ... देखो,
2.सुन्दरता अपनी उसने त्यागी... कि बच जाऊँ मैं पापी, अभागी;निन्दा सहने पर, दुःख उठाने पर... मेरा यीशु सब में है सुन्दर ।
3.मुकुट काँटो का सिर पर धरके... क्रूस पर हाथ पाँव कीलों से जडें;खून की धारा बही वहाँ से... मृतको को बचाने के लिए ।
4.बलिदान अद्भुत यीशु का है... क्रूस की प्रार्थना उससे अधिक है;क्रूस के आश्चर्य कामों पर मैं... ध्यान धर के चलता रहूँगा ।
5.प्रभु की सेवा करता रहूँगा... क्रूस का दर्शन सामने रखूँगा;उसने कहा था ‘लेने आऊँगा’... मैं उसके साथ सदा रहूँगा ।

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