‘‘हरेक जीभ मान ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है ।’’(फिलिपियों 2:11)
बोलो जय मिलकर जय, बोलो जय यीशु की जय;बोलो जय मिलकर जय, बोलो जय प्रभु की जय;बोलो जय जय जय ।।
1.नये जन्म की यही रीत, मन में भर दे अपनी प्रीत;(2)तेरे प्रेम के गाएँ गीत ।(2) बोलो...
2.क्रूस पर अपना खून बहाया, मुझ पापी को दी शिफा;मन मेरे तू बोल सदा ।
3.तेरे सामर्थ की यह शान, खुद ही दाता खुद ही दान;पूरे कर दिल के अरमान ।
4.खिदमत अपनी ले मुझ से, इस मन्दिर में तू बसे;जग में तेरा नाम रहे ।