CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 267

आह! वह प्यारी सलीब

aah! vah pyaaree saleeb

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‘‘ऐसा न हो, कि मैं हमारे प्रभु यीशु मसीह केक्रूस को छोड़कर और किसी बात का घमण्ड करुँ ।’’(गलतियों 6:14)
1.आह ! वह प्यारी सलीब, मुझ को दिख पडती है,एक पहाडी पर जो खड़ी थी;कि क्रूस धातित मसीह ने भी निन्दा सही,पापीयों के कारण जान दे दी ।पस न छोडूंगा प्यारी सलीब,जब तक दुनिया में मैं रहूँगा;लिपट रहूँगा मैं उसी से,है क्रूस घातित में नित्य आराम ।।
2.आह ! वह प्यारी सलीब जिस की निन्दा होती,वह मुझे बहुत ही है भाती;कि खुदा के प्यारे और प्रतापी मसीह,ने पहुँचाया उसे कलवरी ।
3.मुझे प्यारी सलीब में जो लोहूलुहान,नजर आती है खूबसूरती;कि खुदा के मसीह ने प्रायश्चित किया,ताकि मिले मुझे जीवन भी ।
4.मैं उस प्यारी सलीब का रहूँ वफादार,सिपाही मैं हमेशा जरुर;जब तक मेरा मसीह न करेगा मुझे,अपने अब्दी जलाल में मंजूर ।

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