CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 281

प्रभुजी, तू ने हैं की

prabhujee, too ne hain kee

More
‘‘गर्भ में रचने से पहिले ही मैं ने तुझ पर चित लगाया ।’’(यिर्मेयाह 1:5)
प्रभुजी, तू ने हैं की, प्रतिज्ञाएँ हम से;पूरी की हैं, सामर्थ के साथ, हम तुझे सराहते हैं ।।
1.ढूंढा मुझे तू ने वचन से अपने,समय पर तेरे... पास आने... तुझ से मिलने,दौलत और पुत्र मुझे बनाने... धोया मुझे तेरे... लोहू से ।
2.‘बालक मैं हूँ, मत कह’, कहा तू;राज्यों के लिए...गवाह तुझे... ठहराया है,जन्म से पहलें मुझे चुना प्रभु... गरीब मैं तुझ को... भजूँगा ।
3.भय-भीति में तू ही मेरा अभय है,शत्रुओं पर... तू मुझे... जय दिया है;गिराऊँ, नाश करुँ, बनाऊँ, रोपूं... अधिकार दिया तू ।
4.मन्दिर-महिमा महिमित रखने,सैन्याधिपति... तूने दी... अपनी शान्ति;इस जग में भी शान्ति भर दी... शालेम राजा तेरी... स्तुति हो ।
5.मूसा से तू ने किये थे वायदे,जिस जगह पर... पैर रखो... दूँगा तुम को;पवित्र आत्मा की शक्ति दी हमको, बहुतायत से तेरी... स्तुति हो ।
6.‘स्वर्ग और पृथ्वी का अधिकार मेरा,आज्ञा दिया तू... जाओ करो... शुभ प्रचारा;अन्त तक हूँ मैं साथ सहारा’... वायदे के लिए प्रभु... स्तुति हो ।
7.सफल न होगा हथियार कोई,तेरे विरोध में... बने यदि... प्रतिज्ञा यह दी;मुदई तुझ पर नालीश करे गर, मुजरिम ठहरे वही... हल्लेलूयाह ।

Back to Siyon Ke Geet