‘‘जितनी प्रतिज्ञाएँ है वे सब उसी में हाँ के साथ है,इसलिए उसके द्वारा आमीन भी हुई ।’’ (2 कुरिन्थियों 1:20)
1.खुदा के वायदे नहीं टल सकते, पर कायम वे रहते चट्टान की तरह;और जब दुनिया के सहारे गिरते, ये वायदे हिलते नहीं ।खुदा के वायदे नहीं टलेंगे, जो कुछ भी गिरे वे रहेंगे;अगर बुझ जाएँ आसमान के तारे, तौभी ये वायदे रहेंगे ।।
2.खुदा के वायदे न कभी हिलते, जब हम पर आती है सख्त मुसीबत;जब हम इस जंग में थक जाके गिरते, ये वायदे हिलते नहीं ।
3.खुदा के वायदे न कभी हिलते, जब तेज बुखार है या मौत नजदीक है;तब बाप के हाथ से रिहाई पाते, ये वायदे हिलते नहीं ।
4.खुदा के वायदे वे कायम रहेंगे, जब मैं कयामत में फिर उठूंगा;खुदावन्त मुझ को एक ताज तब देगा, तब वायदे काबिल होंगे ।