‘‘उसी समय पाप और मलिनता धोने के निमित्त,एक बहता हुआ सोता होगा ।’’ (जकर्याह 13:1)
1.पाप सहित आ तू अब सोते पास, भार दुःख का लेकर के आ;डुबो तू दे उसके जल में, सुख निश्चय वहाँ पावेगा ।शीघ्र तू कर - कर तू न देर,प्राण अपने विलम्ब कर के मत खो;ख्रिस्त यीशु दया से आज ही,चाहता बचाना तुझ को ।।
2.जैसा तू है आ इस सोते पास, यीशु ने पाप निहारे;यद्यपि पाप तेरे हो लाल, होंगे सफेद बरफ से ।
3.आ और निरोग हो इस सोते पास, सुनो वचन शान्ति का;पाप से जब पापी पलटते, करते दूत गान आनन्द का ।
4.करेंगे जो पश्चताप अब, है उनके लिये वचन;विश्वास के द्वारा से वे तब, पायेंगे उससे जीवन ।