CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 332

जीवन किस के लिए

jeevan kis ke lie

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‘‘जो कुछ तूने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा ?’’(लूका 12:20)
जीवन किस के लिए, तेरा जीवन किस के लिए ?जब तक तू इस संसार में जीएगा,जीवन किस के लिए, तेरा जीवन किस के लिए ?
1.शरीर की लालसाओं में जीते है जो, इस संसार में, इस संसार में;सुखाभिलाष में रहते है जो, इस संसार में, इस संसार में;इन सब की चिन्ता निरन्तर बुरी है,और इनका जीवन पापी और श्रापित है ।तेरा जीवन...
2.घन के लोभी जो बहुत ही है, इस संसार में, इस संसार में;सांसारिक मनवाले बहुत ही है, इस संसार में, इस संसार में;इन सब की चिन्ता निरन्तर घन है,और इनका जीवन सुखा और हीन है ।
3.अपने ज्ञान पर जो मान करते हैं, इस संसार में, इस संसार में;ऐसे लोग ही घमंडी होते है, इस संसार में, इस संसार में;इन सबके मन बहुत ही संकुचित है,और इनका जीवन लज्जा से भरा है ।
4.टूटे मनवाले भी बहुत हैं, इस संसार में, इस संसार में;नमक की नाई जो पिघल जाते हैं, इस संसार में, इस संसार में;वे सब मसीह में छिपे और दृढ़ हैं,शुद्ध वे होकर सेवा करेंगे ।

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