CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 357

कयों मन भूला है यह संसारा

kyon man bhool hai yah sansaar

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‘‘उन में से कोई अपने भाई को किसी भाँति छुड़ा नहींसकता है; क्योंकि उनके प्राण की छुड़ोती भारी है ।’’ (भजन 49:7,8)
कयों मन भूला है यह संसारा,(2)मन मत दे टुक कर ले गुजारा ।। (2)
1.इस जग में सुख नित नहीं भाई,(2)यह तो है जैसे पानी की धारा ।(2)
2.माता पिता और खेस कुटुम्ब सब,संग नहीं कोई जीवन-हारा ।
3.अन्त समय सब देखन आई हैं,क्षण भर में सब होई हैं नियारा ।
4.जो कुछ अंग में होगा तुम्हारा,वह भी सब मिल लेई हैं उतारा ।
5.नरक अग्नि में जब तुम पड़ियों,तब नहीं कोई बचावन-हारा ।
6.भाई मुक्ति की खोज करो तुम,यीशु मसीह प्रभु तारणहारा ।
7.आसी तो प्रभु दास तुम्हारा,तुम बिन नाहीं और कोई हमारा ।

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