‘‘जो बातें मेरे लाभ की थी उन्हीं को मैंने मसीह के कारणहानि समझ लिया,... ।’’ (फिलिप्पियों 3:7)
1.क्रूसित यीशु की ओर देख और ले ले जीवन;वही तेरे लिए जीवन-दान;अपनी दृष्टि उठा और समीप क्रूस के आ,क्योंकि वही तू पाएगा त्राण ।देख ! देख ! देख और जी,क्रूसित यीशु की ओर देख और ले ले जीवन;क्योंकि वहीं तू पाएगा त्राण ।
2.उसी ने है उठाया है तेरे पाप का बोझ,अपना सारा ही बोझ उसे दे;उसके पंजर से लहु था बहता रहा,कि भरेे जाएँ ऋण सब तेरे ।
3.न तो प्रार्थना, न तो शोक से ही छूटता है पाप,केवल उसके लहु से बचाव;उसी पर छोड़ दे अपने सब पापों का बोझ,दृष्टि कर, उसके बह रहे घाव ।
4.प्रभु के आमंत्रण पर तू शंका न कर,न रहा अब तेरे लिए काम;क्योंकि आ गया वह ही तुझे बचाने,साथ ही देने के लिए विश्राम ।
5.अब ले उसके ही हाथों से जीवन का दान,जिसे आज वह तुझे दे रहा;अब तू मृत्यु का भय भी हृदय से निकाल,क्योंकि प्रभु है जीवन तेरा ।