‘‘मैं इसलिए आया कि वे जीवन पाएँ, औरबहुतायत से पाएँ ।’’(यूहन्ना 10:10)
स्वर्ग से उण्डेल प्रभु अग्नि सा जीवन,मुझ को तू दे प्रभु भरपूर जीवन;आत्मा की आग लगा मेरे अन्दर,मन में भर दे प्रभु परिशुद्ध जीवन ।।
1.अग्नि जला प्रभु प्रेम की मन में,(2)प्रेम करुँ तुझे पूरे लगन से;(2)तन, मन, धन सब देता तुझे मैं,(2)बिनती करुँ प्रभु दे स्वर्गीय जीवन ।(2)
2.आत्मा की प्यास मेरे मन में लगा दे,स्तुति गाना मुझको तू सिखा दे;जीवन के जल से पीऊँ मैं आके,मुझ से बहा प्रभु नदियों सा जीवन ।
3.यीशु के लोहू से कर तू पवित्र,पाप और मृत्यु से कर तू स्वतंत्र;मेरे लिए पूरी कर अब प्रतिज्ञा,मन में लगा प्रभु अपना सिंहासन ।