‘‘इसलिए आओ हम अनुग्रह के सिंहासन के निकटहियावबान्धकर चलें ।’’ (इब्रानियों 4:16)
तेरे चरणों में झुकता हूँ, अनुग्रहकारी यीशु;प्रेम तेरा याद मैं करते, परमेश्वर आता हूँ ।।
1.विश्राम का दाता ईश्वर सब संकट तू दूर कर,क्रूस ही मेरा आश्रय है नम्रता से वहाँ मैं रहूँ ।
2.प्रार्थना करो कहा प्रभु, संकट के समय में;दया दिखाकर मुझ पर प्रेम से शान्ति मुझे दे ।
3.प्रभु तू मनुष्य नहीं है पुकार को तू सुन ले,पूर्ण मन से प्रार्थना करते प्रभु तेरे पास मैं आऊँ ।
4.मुझे छोड़ न तू प्रभुजी चाहे निन्दा आये फिर भी;सहूँगा मैं तेरे लिये बल तेरा मुझे अब दे ।
5.आशा से तेरे चेहरे को उत्साह से देखता हूँ,लज्जित नहीं होता मैं प्रकाश तेरा अब हो ।
6.शत्रु हराने के लिए सामर्थ प्रगट कर तू,मुझे सान्त्वना देके तू घेरे रख और तू सम्भाल ।
7.आत्मिक जीवन में बढ़ने जयवन्त जीवन मुझे दे,फलवन्त होकर फल मैं दूँ अनुग्रह तेरा मुझे दे ।
8.सिय्योन से राजा आता वह मेरा प्रभु है,व्याकुल हुए बिना मैं तेरे लिए बाट जोहूँ ।