(भजन 4:8)
हे प्रभावशाली तू ईश्वर, सम्पूर्ण महिमा में तू है;तेरा उद्धार प्रबल हुआ ।।(2)
1.मैं शान्ति से लेट कर सो जाऊँगा,(2)चाहे दस हजार मुझे आके घेरे(2), उनसे कभी न डरुँगा ।(2)
2.हजारों मुझ से आके ये कहते थे,छुटकारा उसका जरा भी नहीं है, तूने मुझे है सम्भाला ।
3.हे प्रभु तेरी उपस्थिति में जब,रोया और माँगा मैं गिड़गिडा करके, अद्भुत उद्धार मुझे दिया ।
4.उद्धार यहोवा की ओर से मिलता है,प्रभु की प्रजा को आशीषें मिलती, और जग में फुले वे फलते ।