‘‘दाऊद सब का सब लौटा लाया ।’’(1 शमुएल 30:19)
करुणा से प्रभुजी, वापस दे जो खोया मैं;क्षमा तुझ से, दिल से चाहता हूँ मैं ।।
1.दाऊद राजा ने नम्र होकर माँगा,हानि के लिए, जो हुई थी इस जग में;प्रभु तू ने, उसे पूरा किया है ।
2.शत्रुओं की सब कुयुक्तियों से,बहुत ही मुझे प्रभु हानि हुई थी;हे पिता, यीशु में हानि पूरी कर ।
3.टिड्डी, अर्बे, एलेक, हासिल के द्वारा,हानि हुई प्रभु, वापिस मुझे दे;यीशु प्रभु तुझ से बिनती करता मैं ।
4.प्रेम, शान्ति, आनन्द सब कुछ खोया,हे महायाजक, प्रेम करुणा से;वापस उन्हें दे, प्रार्थना करता मैं ।
5.मेरा कटोरा पाप से जो भरा,मैदा प्रभु तू, जीवन से भरा;उसको मिला के, तू मृत्यु हटा दे ।
6.आत्मिक आलसीपन मुझ में आ गया,इसलिए प्रभुजी, सब कुछ खोया मैं;हे पिता, मुझे तू सब कुछ वापस दे ।
7.जहाँ पर प्रभुजी पाप में गिरा मैं,ठीक उसी स्थान में, दया तू दिखा दे;क्रोध न कर प्रभु, मुझ पर दया कर ।
8.जो पाप मैंने तेरे विरुद्ध किए,नहीं छिपाऊँगा, मैं मान लूँगा;यीशु के लोहू से, शुद्ध मुझे कर ।