‘‘परमेश्वर,... दया का धनी है... ।’’ (इफिसियों 2:4)
हमें यीशु के दरवाजे पर रहना, वह रहमतों का बानी है;सिर झुकाए सेवा में लगे रहना, वह रहमतों का बानी है ।।(2)
1.जग में यीशुजी ने आके भलाइयाँ कीनी हैं,(2)सारे पापियों को पाप से रिहाई दीनी है,(2)तेरे दर से अब हट के नहीं जाना, वह रहमतो का बानी है ।(2)
2.बिनती यीशुजी तू सुन ले इस दुखिया औरत की,लड़की मेरी बीमार रुह बच जाए बिचारी की;मूँह माँगी मुराद तुझ से पाना, वह रहमतों का बानी है ।
3.सुन ले यीशुजी ने कहा, मैं आया इसलिए;इन इस्राएली भेड़ों को बचाने के लिए,खाना बच्चों का देऊँ तुझे कैसे, वह रहमतों का बानी है ।
4.कहा औरत ने यीशु से मैं जाऊँ किस तरह,मेज तेरी पर के टुकड़ो को मैं खाऊँगी जरा;तेरे टुकड़ों को खाके सेर होना, वह रहमतों का बानी है ।
5.कहा यीशु ने ऐ औरत ईमान तेरा बड़ा,जो कुछ माँगा तू ने मुझ से मैं करूँगा पूरा;जाके देख तेरी बेटी हो गई चंगी, वह रहमतों का बानी है ।