‘‘उसी समय दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों केलिए पाप और मलिनता घोने के निमित्त एक बहता हुआसोता होगा ।’’(जकर्याह 13:1)
1.ऐ यीशु मेरा दिल छिपा,... उस सोते में,(2)सब पाप और डर दिल से निकाल,... लोहू के सोते में ।लोहू के सोते में, ऐ रब्ब,... मुझको छिपा और कर बेऐब;रोज-ब-रोज मुझ को उसमें रख,... लोहू के सोते में ।।
2.सब पापी पाते हैं पनाह,... उस सोते में;और उनको मिलती है नजात,... लोहू के सोते में ।
3.अब अपने आप से मुझ को तू भर,... उस सोते में;और मुझ को भी पवित्र कर,... लोहू के सोते में ।
4.यीशु की शान्ति दिल में है,... उस सोते में;और आनन्द भी वह देता है,... लोहू के सोते मेें ।
5.पवित्र आत्मा रोज-ब-रोज,... उस सोते में;दिखाता है यीशु मुझ को,... लोहू के सोते में