CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 448

यीशु कैसा मित्र प्यारा!

yeeshu kaisa mitr pyaara!

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‘‘मैंने तुम्हें मित्र कहा है,... ।’’ (यूहन्ना 15:15)
1.यीशु कैसा मित्र प्यारा !... पाप और दुःख उठाने को;उस की शरण हम ले सकते,... हम पर दुःख का भार जब हो ।दुःख कितने हम व्यर्थ उठाते,... व्यर्थ ही शान्ति हैं खोते;यह सब केवल इसलिए कि,... ख्रिस्त को नहीं बतलाते ।
2.आती हम पर क्या परीक्षा,... चिन्ता, व्याकुलता घेरें ?साहस अपना हम न छोड़ें,... प्रार्थना में उस से कहें;सच्चा मित्र ऐसा कौन है,... जो सम्भाले दुःखों में;सारी निर्बलता वह जानता,... प्रार्थना में उस से कहें ।
3.क्या दबें हैं भारी बोझ से,... सारा बल जाता रहा ?प्यारा ख्रिस्त ही है सहारा,... प्रार्थना में उस से कहें;क्या मित्रों ने तुझ को छोड़ा ?... प्रार्थना में उस से कहें;अपनी गोद में तब छिपा के,... शान्ति वह देगा हमें ।

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