CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 456

प्रभु यीशु अपनी मण्डली

prabhu yeeshu apanee mandalee

More
‘‘मैं अपनी कलीसिया बनाऊँगा... ।’’ (मत्ती 16:18)
प्रभु यीशु अपनी मण्डली बनाता,(2)शैतान उस पर प्रबल न होता;(2)प्रभु यीशु अपनी मण्डली बनाता ।।(2)
1.नकशे के अनुसार मन्दिर बना था,(2)मनुष्य की बुद्धि से कुछ न बना था;(2)नयी वाचा में नक्शा दिया था,प्रभु का घर भी वैसे बना था ।
2.जीवता प्रभु जीवते पत्थरों को गढ़ के,चट्टान पर दृढ़ नेव वह डालेे;बालू की नेव पर घर जो डाले,आंधी से वह सब नाश हो जावे ।
3.आत्मिक राजों को प्रभु है चुनता,आत्मिक ज्ञान से वह उनको है भरता;जब मनुष्य सांसारिक लोगों को चुनता,आत्मिक घर फिर न बन सकता ।
4.घर यह प्रभु के लिए बनता,पवित्रता से यह धर है बनता;भरपूरी अपनी उस में वह भरता,महिमा से उस का घर भर जाता ।
5.प्रगट महिमा हो प्रभु के घर से,जाके जगत में फिर वह चमके;जीवन का जल भी घर से निकले,जहाँ जाए वहीं जीवन भर दे ।

Back to Siyon Ke Geet