CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 459

ख्रिस्त यीशु प्रभु जिस

khrist yeeshu prabhu jis

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‘‘वे प्रेरितों से शिक्षा पाने और संगति रखने में औररोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे ।’’(प्रेरितों 2:42)
ख्रिस्त यीशु प्रभु जिस मण्डली को अपने लोहू से मोला,उस में जो आते, धन्य वे ही हैं, स्वर्ग उन्हीं का है ।।
1.जो प्रेरितों की शिक्षा को मानकर स्थिर हो चुके हैं,आत्मा की शक्ति के द्वारा मण्डली में सदा स्थिर रहते हैं ।
2.जो कोई सन्तों के साथ संगति सदा वह रखते हैं,ये ही हैं प्रभु मसीह में उन्नति करते जाते हैं ।
3.जो प्रभु की देह को खाते उसका लहु पीते उस में स्थिर हैं,ये ही मसीह की मृत्यु और उठने का प्रचार करते हैं ।
4.जो लगन के साथ मण्डली में बोझ से प्रार्थना सदा करते हैं;ये ही प्रार्थना के द्वारा शैतान को बाँध भी सकते हैं ।
5.जो प्रभु यीशु के दूसरे आगमन की बाट जोहते हैं,ये ही सनातन आनन्द से साक्षी देेंगे सारे जगत में

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