CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 472

नया यरुशलेम, जो

naya yarushalem, jo

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‘‘फिर मैंने पवित्र नगर नये यरूशलेम को,... देखा ।’’(प्रकाशित 21:2)
नया यरुशलेम, जो अद्भुत है, पवित्र नगर वही है;ऐसे नगर के योग्य हमें किया, हम प्रभु यीशु की वन्दना करते हैं ।।
1.अगम्य शान्ति और स्वर्गीय आनन्द, सब कुछ वहाँ भरपूरी से है;शान्तिदाता यीशु प्रभुजी, राजाओं का राजा राज्य करता है;उस राज्य के हम को भागीदार किया है, प्रभुओं के प्रभु कीस्तुति करते हैं ।
2.पाप को हमारे क्षमा कर दिया, कलवरी क्रूस के लहु के द्वारा से;उसकी पवित्रता में भी हम को, भागीदार उस ने हमें किया है;महिमा से परिपूर्ण हमारे ईश्वर की, दिल भर के स्तुति गाते हैं ।
3.पवित्र नगर नया यरूशलेम, सुन्दरता से भरपूर वह है;अपने पति के लिए जो तैयार, सिंगारी हुई दुल्हिन समान है;तू ने हम को दुल्हिन बनाया, प्रभु तेरी स्तुति हम करते हैं ।
4.ईश्वर हमारे साथ वास करेगा, उस का डेरा हम में होगा;प्रभु हमारे साथ रहकर, साथ ले जायेगा स्वर्ग की ओर;तू ने हम से प्रेम किया है, प्रणाम तुझ को हम करते हैं ।
5.वह उनका परमेश्वर होगा, और उनकी आँखों से आँसू पोंछेगा;मृत्यु, शोक, विलाप और पीड़ा उस नगर में बिलकुल नहीं;मृत्यु, संसार, शैतान को जीता, आराधना तेरी हम करते है ।

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