‘‘उस ने उस स्थान का नाम बेतेल रखा ।’’(उत्पति 28:19)
1.दिव्य दर्शन परमेश्वर का,... याकूब ने जब देखा;दर्शन पाकर उस जगह का,... बेतेल नाम वह रखा;नित्य हमारे परमेश्वर का,... निवास-स्थान यह होगा ।
2.परमेश्वर की सीढ़ी सादृश्य,... हे प्रभु यीशु ख््िरास्त का;परमेश्वर के दूत भी उस पर,... चढ़ते उतरते देखा;परमेश्वर का भवन यही है,... और दूजा न होगा ।
3.निश्चय यही स्थान है,... जिस में प्रभु यहोवा रहता;स्वर्गलोक का द्वार देखता,... उद्धार पाने जो आता;परमेश्वर तब शान्ति पाता,... पापी थरथराता ।
4.ऊँचे स्थान पर वही चढ़ाता,... आनन्दित है करता;ऐसे अनुभव में याकूब को,... मीरास भी वह देता;मिस्र देश के अवमानों को,... वही है भुलाता ।
5.चाहे पहाड़ टल भी जाए,... वचन न उस का टलेगा;अनुग्रह अपना देकर तुझ को,... सदा ले चलेगा;पूर्वकाल के संकल्प अपने,... तुझ में वह पूरे करेगा ।