‘‘इस प्रकार मूसा ने सब काम को पूरा कर समाप्त किया ।’’(निर्गमन 40:33)
योजनाएँ जो है यीशु की, बदलती न कभी;युग-युग एकसा है यीशु, शान यह है उसकी ।।
1.अपनी प्रजा को मिस्र से छुड़ाने मुसा को चुन लिया,अद्भुत अपने काम कितने उनके लिए है किया;अगुवाई मुसा की माने नहीं पर अगुवा उसी को किया ।
2.पर्वत पर के नमूने अनुसार निवासस्थान खड़ा किया,परदे बना के आंगन के, जग से अलग है किया;परमेश्वर का कार्य पूरा मुसा ने है किया ।
3.सम्पूर्ण हुआ निवासस्थान का काम बादल तब आया,सुन्दर मेघस्तंभ बनकर वह तम्बू पर छाया;सारा निवास-स्थान तेज से भरा महिमा प्रभु पाया ।
4.मेरा जो कुछ सब तुम्हारा है, ये प्रभु यीशु ने कहा;महिमामय प्रभु सब कुछ दिया, अनुग्रह हम पर किया;महिमा प्रभु की करते रहें, अपने जीवन में सदा ।
5.आओ, सन्तगण हम गाएँ गुणगान ख्रिस्त प्रभु का ही,आओ, इस जग में पूरी करें इच्छा ईश्वर की;आदर महिमा देते रहे प्रभु यीशु को ही ।