‘‘प्रभु अपनी भलाई से हमें लाद देता है,... ।’’ (भजन 68:11)
तुम को भरा वह सारी भलाई से, स्वर्गीय आशीष है वह ।।
1.प्रभु के मन्दिर में ही सब कुछ भरपूर,आशीष बहुत ही तुम को मिलेगी;उस के मन्दिर में की बहुतायत से,जीवन का पानी पीओ ।
2.तुम्हारे पापों का वह प्रायश्चित करेगा,तुम को छुटकारा उसी में है;सत्य की कृपा उस के महान धन से,आओ हम खुशियाँ मनाएँ ।
3.उस के लोहू के द्वारा छुटकारा पाए जो,उस को प्रभु मीरास देता है;पवित्र लोगों की मीरास में भागीदार,बनाए गए हैं हम ।
4.जो कोई प्रभु का स्वीेकार करता,अनन्त जीवन उसका है;पवित्र आत्मा को दान में पाके,आत्मा में आनन्द करेंगे ।
5.तुम को प्रभु जो स्थिर करेगा,पहिले की स्थिति से अधिक देगा;साथ हमेशा रहने की इच्छा की,उस की आशीष को ग्रहण करो ।
6.यदि तुम उस के अनुग्रह में बढ़ो,तुम को वह हर दिन आशीष देगा;सदा अनुग्रह से घेरे रखेगा,अनुग्रह में आनन्द करो ।
7.जयवन्त जीवन पाए हुए लोग,मीरास उस की वह सब पाएँगे;विश्वास से विजय प्राप्त अब करके;गाओ हल्लेलूयाह उस की ।